हरियाणा

भारत मां का सच्चे सपूत मालवीय जी

कुलदीप सिंह रुहेला

भारत माँ के सच्चे सपूत थे मदन मोहन मालवीय,
ज्ञान की गंगा बहा गए बनकर उजियारे की रवि।

वाणी में वेदों का तेज, मन में राष्ट्र की आस,
हर श्वास में बसता था भारत, हर कर्म में विश्वास।

काशी की धरती से उठकर, शिक्षा का दीप जलाया,
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, स्वप्न को साकार बनाया।

कलम बनी उनकी तलवार, सत्य बना उनका शस्त्र,
न्याय, धर्म और स्वाभिमान थे उनके जीवन के अस्त्र।

न भय उन्हें शासन का था, न लोभ उन्हें धन का,
भारत जागे, भारत बढ़े—बस सपना था मन का।

युवा हृदय में चेतना जगी, बूढ़ों में आई जान,
मालवीय जी की सीखों से सशक्त हुआ हिंदुस्तान।

आज भी गूंजे देश में उनका पावन नाम,
राष्ट्रभक्ति का अमर मंत्र, मालवीय का नाम

जय हिन्द जय भारत

कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!