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साहित्य
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अनकहा सत्य
क्या सचमुच हर हँसी के पीछे उजियारा ही बसता है, या भीतरी अँधियारा भी अधरों पर दीपक धरता है। …
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गीत सृजन मुखड़ा
तपती धरती बाट निहारे, घिर आओ घनश्याम। सूने नभ में आस जगी है, लेकर तेरा नाम॥ खेत बाग वन…
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रिश्तो के बदलते रंग
मौसम की तरह बदल है जाते, हमारे अपने रिश्तों के भी रंग। कभी तो कारवां चलता साथ हमारे, कभी कोई…
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क्या सचमुच?
क्या सचमुच वेदों-पुराणों का वो सार आज भी है? जो सुना बुजुर्गों से, क्या वो चमत्कार आज भी है? अनंत…
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विश्व ही परिवार है”
çवसुधैव कुटुम्बकम्’ एक प्राचीन भारतीय संकल्पना है, जिसका अर्थ है “संपूर्ण विश्व एक परिवार है” यह आदर्श वाक्य भारत की…
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सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक झंडा है अभिमान, भारत की पहचान। झुकने न दें सपूत, भारत का है मान।।…
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सागर से पार क्षितिज
से पार क्षितिज के उस छोर, कौन बुलाता मुझको नीरव भोर? नीली लहरों पर स्वर्णिम छाया, ज्यों सपनों का मधुमय…
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कविता
र्मातक मंजर देख, हर आँख लहू से रोती है, जब मासूमों पर ब्रजपात हो, उम्मीदें जिंदा खोती है। दिल की…
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सीख जाते हैं
जो ख़ुद गिरकर संभल जाते हैं अक़्सर, वो ज़माने को उठाना सीख जाते हैं। जिन्होंने झेली हो धूप रास्तों की,…
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