आलेख
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पर्यावरण संरक्षण : मानवता का भविष्य
पिछले कुछ वर्षों में पर्यावरण से जुड़ी समस्याएँ जिस तीव्र गति से बढ़ी हैं, उन्होंने सम्पूर्ण मानव समाज को गंभीर…
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प्रकृति का क्रंदन: एक आत्मचिंतन
µविश्व पर्यावरण दिवस महज़ एक रस्म नहीं, हमारी चेतना के झरोखे पर टंगा एक सुलगता हुआ सवाल है। कंक्रीट के…
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प्रतिसंवेदनशील चुनौतियां और लक्ष्य प्राप्ति
प्रतिसंवेदनशील चुनौतियां और लक्ष्य प्राप्ति चुनौती शब्द स्वयं में किसी द्वंद का परिचायक है।मानव जीवन भी इन्हीं चुनौतियों का प्रतिफल…
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“मेलोडी गिफ्ट” और भारतीय राजनीति
आजकल राजनीति में विचारधाराओं से ज्यादा चर्चा “मेलोडी गिफ्ट” की हो रही है। जैसे ही इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी…
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आचार्य धीरज द्विवेदी ‘याज्ञिक’ : ज्ञान, सेवा और सनातन संस्कृति के संवाहक
भारतीय संस्कृति में संत, आचार्य और ऋषि-मनीषियों की परम्परा सदैव समाज को दिशा देती रही है। ऐसे ही युगपुरुषों में…
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मजदूर दिवस
19वीं सदी की औद्योगिक क्रांति के बाद स्थापित फैक्ट्रियों , कारखानों में अधिक उत्पादन एवं अधिक मुनाफा के दृष्टिगत मजदूरों…
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संभल जाऐं, बच्चों के भाषा विकास में मोबाइल न बन जाऐ बाधक
डॉ मनोज कुमार तिवारी वरिष्ठ परामर्शदाता एआरटीसी, एसएस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी। 2007 में स्मार्टफोन आया व लोगों के रोजमर्रा…
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सभ्यता के वास्तविक शिल्पकार और श्रम की अंतहीन गाथा
मजदूर दिवस केवल एक तिथि विशेष का उत्सव या कैलेंडर का कोई लाल पन्ना मात्र नहीं है, बल्कि यह उस…
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मजदूर (श्रमिक)
मजदूर (श्रमिक) समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो शारीरिक श्रम के माध्यम से उत्पादन और निर्माण में योगदान देते…
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बुद्धत्व का सार: शून्यता से पूर्णता तक़
बोध का उदय: बुद्ध का जन्म केवल देह का आगमन नहीं, बल्कि उस विवेक का प्रकटीकरण है जो बाहरी संघर्षों…
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