बोधगया में नालंदा के चार विभूतियों को ‘सारस्वत कर्मयोगी सम्मान 2025’

बिहारशरीफ। अंतरराष्ट्रीय आचार्य कुल सम्मेलन, बोधगया के दौरान नालंदा के डॉ. गौरव कुमार राजू (शिक्षाविद), डॉ. सूरज सिंह सिसोदिया (शिक्षाविद), अधिवक्ता कुमुद रंजन सिंह एवं अधिवक्ता सुप्रिया को उनके विशिष्ट सामाजिक योगदान के लिए ‘सारस्वत कर्मयोगी सम्मान 2025’ से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान संत विनोबा भावे द्वारा संस्थापित अराजनैतिक एवं असांप्रदायिक व्यासपीठ आचार्य कुल के तत्वावधान में प्रदान किया गया। समारोह में पूर्व कुलपति डॉ. धर्मेंद्र ने राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में सम्मान प्रदान किया।
आचार्य कुल द्वारा यह सम्मान गांधी, विनोबा भावे एवं जयप्रकाश नारायण के विचारों से प्रेरित होकर साहित्य, शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, खादी एवं कुटीर उद्योग, जल संरक्षण, साम्प्रदायिक सद्भाव, भूदान–ग्रामदान, गोपालन, अध्यात्म–विज्ञान समन्वय, रोजगार सृजन, चरित्र निर्माण, नैतिकता एवं प्रमाणिकता, हरितमा संवर्धन, सामाजिक कुरीति निवारण, व्यवस्था परिवर्तन तथा शांति–सद्भावना जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान हेतु दिया जाता है।
सम्मान समारोह में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे कर्मयोगियों का सम्मान समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रेरणास्रोत बनता है और राष्ट्रनिर्माण के प्रयासों को सशक्त करता है।




