डॉ रामशंकर चंचल की अद्भुत ताजा कृति मसीहा,ने दस्तक दी झाबुआ घर आंगन में

मध्य प्रदेश आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ के विश्व चर्चित साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ की अद्भुत ताजा कृति आंचलिक उपन्यास मसीहा इंकलाब पब्लिकेशन मुंबई द्वारा प्रकाशित कृतियों में विश्व पटल पर अमेज़न पर उपलब्ध कृति ने देश और विश्व में अद्भुत बधाई और शुभकामनाएं प्राप्त कर 11हजारों द्वारा सराहा गई इस कृति ने दस्तक दी झाबुआ मध्य प्रदेश के अपने घर आंगन में अद्भुत रूप से 17 दिसंबर को गोपाल कालोनी में मां सदन में नारी शक्ति के कर कमलों से हुआ विमोचन मालिनी जी ,अंकिता जी प्रीति, रूपी दक्षिणा ,सुरभि ,ज्योति, ऐश्वर्या, ग्रेसी
आदि आदि प्रतिभा धनी नारियों के बीच जिसे बेहद सार्थक सृजन उपलब्धि लिए देश और विश्व चर्चित साहित्य जगत में अनमोल धरोहर बताया गया और झाबुआ मध्य के लिए गौरव मय इतिहास है जो सदियों जिंदा रहेगा और याद किया जायेगा इस अद्भुत सुखद लेखन को सादर प्रणाम करते हुए सभी ने अपने विचारों से आयोजित हुई सफल आयोजन को सार्थक किया और अपने झाबुआ पर गर्व महसूस किया
अंत में डॉ रामशंकर चंचल ने अपनी ताज़ा कृतियों में विश्व पटल पर दस्तक देती उक्त कृति आंचलिक उपन्यास मसीहा जो इंकलाब पब्लिकेशन मुंबई से प्रकाशित हुई अमेज़न पर उपलब्ध कृति में 13, अमेज़न कृति को झाबुआ को भेंट करने के साथ ही सुखद अहसास किया कि आज मेरी जन्म भूमि झाबुआ धरा सम्पूर्ण विश्व में साहित्य जगत में चर्चित है धन्य है जीवन की झाबुआ में हुआ गर्व है झाबुआ पर मुझे प्रणाम करता है इस पावन पवित्र धरती को
अन्त में रूपी मनीष त्रिवेदी ने आभार व्यक्त किया आयोजन का सुखद संचालन किया ऐश्वर्या भावेश त्रिवेदी ने




