दंत स्वच्छता में जीभ की सफाई को बनाएं दैनिक दिनचर्या का हिस्सा

नालंदा।
प्रख्यात समाजसेवी एवं अधिवक्ता कुमुद रंजन सिंह ने आमजन को दंत एवं मुख स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि दांतों की सफाई के साथ जीभ की नियमित सफाई भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अधिकांश लोग केवल ब्रश तक सीमित रह जाते हैं, जबकि जीभ पर जमा बैक्टीरिया कई गंभीर मौखिक रोगों का कारण बनते हैं।

श्री सिंह ने कहा कि जीभ पर जमी सफेद या पीली परत वास्तव में बैक्टीरिया और विषैले तत्वों का जमाव होती है, जिससे मुंह की दुर्गंध, दांतों में कीड़ा लगना, मसूड़ों की सूजन, पायरिया और संक्रमण जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यदि समय रहते जीभ की सफाई न की जाए तो यह संक्रमण धीरे-धीरे पाचन तंत्र और संपूर्ण स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने सलाह दी कि प्रतिदिन सुबह ब्रश करने के बाद टंग क्लीनर से जीभ की सफाई अवश्य करें। तांबे या स्टील के टंग क्लीनर को सर्वोत्तम बताते हुए उन्होंने कहा कि सफाई हल्के हाथ से, पीछे से आगे की ओर की जानी चाहिए। अत्यधिक जोर लगाने से जीभ पर घाव या जलन हो सकती है, जिससे लाभ के बजाय हानि होती है।
अधिवक्ता सिंह ने यह भी कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से जीभ की सफाई की आदत डलवानी चाहिए, क्योंकि कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण उनमें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। उन्होंने नमक मिले गुनगुने पानी से कुल्ला, तुलसी या नीम जल से कुल्ला जैसे सरल घरेलू उपायों को भी लाभकारी बताया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक जीभ पर मोटी परत, जलन, दर्द या छाले बने रहें, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत दंत चिकित्सक से परामर्श लें।
श्री सिंह ने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ व्यक्ति से पड़ती है, और दंत स्वच्छता जैसी छोटी-छोटी आदतें बड़ी बीमारियों से बचाव का माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं भी जागरूक बनें और दूसरों को भी दांतों व जीभ की सफाई के महत्व के प्रति प्रेरित करें।




