हर धर्म जहां पर बसता हैll
यह भारत एक गुलदस्ता हैll
बस न्याय यहां पर महंगा है,
अन्याय यहां पर सस्ता हैl
कुछ को आदत है रोने की,
भ्रष्टाचार यहां पर हंसता हैl
अमीरों की हालत सुधर गई,
गरीबों की हालत खस्ता है l
न्याय में ही बस थोड़ी देरी है,
पुलिस तात्कालिक व्यवस्था है l
पं पुष्पराज धीमान भुलक्कड़
गांव नसीरपुर कला हरिद्वार उत्तराखंड




