साहित्य

मेरे अनुभव 

पं पुष्पराज धीमान भुलक्कड़ 

प्रेम से ज्यादा कसमोंकश नहीं
जो होता किसी से बरबस नहीं

नयनो से घातक कोई तीर नहीं
दिमाग से बड़ा कोई तरकश नहीं

रब से बड़ा कोई खिलाड़ी नहीं
जीवन से बड़ा कोई सर्कस नहीं

सच्चाई से कड़वा कुछ भी नहीं
प्रशंसा से मीठा कोई रस नहीं

विश्वास से अच्छी वैक्सीन नहीं
डर से बड़ा कोई वायरस नही

नफरत से लंबी कोई दूरी नहीं
पैसे से बड़ा कोई दिलकश नहीं

वह जीवन भी यहां जीवन नहीं
होता जिसमें कुछ संघर्ष नहीं

पं पुष्पराज धीमान भुलक्कड़
गांव नसीरपुर कला हरिद्वार
उत्तराखंड 9634213638

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