विश्व समन्वय कुंभ मंच पर आचार्यकुल व एनजेए के वरिष्ठ जन सम्मानित

बोधगया।
विश्व समन्वय कुंभ मंच पर आयोजित कार्यक्रम में आचार्यकुल एवं नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन (एनजेए) के वरिष्ठ जनों को कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की ओर से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने पत्रकारों को सामाजिक संरचना का प्रथम पंक्ति का सैनिक बताते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि संस्था की ओर से दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा एवं अर्चित सावर्णी ने विश्व समन्वय कुंभ मंच पर आचार्यकुल एवं नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ जनों को सम्मान प्रदान किया।
बोधि ट्री स्कूल, श्रीपुर बोधगया (बिहार) में आयोजित तीन दिवसीय विश्व समन्वय कुंभ कार्यक्रम में गांधीवादी विचारधारा तथा आचार्य विनोबा भावे की विरासत को सहेजते हुए, विनोबा आश्रम की पावन धरती पर स्वस्थ समाज की रचना में शिक्षा की भूमिका पर विशेष बल दिया गया। आयोजन में देश–विदेश से आए विद्वान साहित्यकारों, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं एवं पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कल्पकथा परिवार की ओर से राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ममता कुमारी, आचार्यकुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य श्री धर्मेंद्र तिवारी, कार्यकर्ता आचार्य सतीश शांडिल्य, नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन की मॉडरेटर सुप्रिया सिंह (हजारीबाग, झारखंड), राष्ट्रीय महासचिव कुमुद रंजन सिंह (नालंदा, बिहार) सहित अन्य विशिष्ट जनों को समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज के दिव्य दर्शन चित्र, अंगवस्त्रम, श्रीफल एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विविध विषयों पर विचार-मंथन एवं कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया। इस दौरान दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा ने पत्रकारिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र सेवा का सशक्त माध्यम है, जिसमें पत्रकार समाज के जागरण, अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और नैतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते हैं।
वसुधैव कुटुंबकम् की भावना को समर्पित इस आयोजन में रंजीत कुमार गुप्ता (गया), त्रिलोक चंद एवं संतोष देवी (रेवाड़ी), दीपक कुमार (नालंदा), डॉ. बालकृष्ण महाजन (नागपुर), सौदागर सिंह (देवरिया), इंद्रजीत तिवारी निर्भीक (वाराणसी), रंजीता सिंह (नोएडा), श्रीपाल शर्मा (इदरीशपुरी, बागपत), ओमप्रकाश दुबे (दिल्ली), डॉ. मिंटू शर्मा, अभय कुमार ज्योति जिज्ञासु (गोरखपुर), एस.डी. वारास्वामी (हैदराबाद), बबलू आर.आर. (गोंदिया), कैप्टन सरोज सिंह सहित अनेक गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।



