
“”खरमास में नया साल है,
पचका में होगी होली।
ईद, मोहर्रम,देवदिवाली,
सब पर है, सरकारी बोली —
बन्द हुई संग हसीं ठिठोली।।
स्वरचित “फायर बनारसी “.

“”खरमास में नया साल है,
पचका में होगी होली।
ईद, मोहर्रम,देवदिवाली,
सब पर है, सरकारी बोली —
बन्द हुई संग हसीं ठिठोली।।
स्वरचित “फायर बनारसी “.