
ग्वालियर की धरती पर पैदा हुआ
एक ऐसा गुदड़ी का लाल,
हिमालय के जैसे विराट व्यक्तित्व
और कृतित्व से कर दिया कमाल।
अटल जी आप बन संसद के गौरव
ग्रामीणों की आत्मा की आवाज,
निष्ठा, मर्यादा के पालक बनकर
लोगों के दिलो पर करते थे राज।
संकल्पों के धनी, विषयों के शोधित ग्रंथ
शालीनता और विनम्रता के वरद् पुंज,
आनन्द के प्रतीक बन किया दूर तमस्
मॉं भारती के तुम बन गए दिव्य कंज।
मॉं भारती के आप सच्चे आराधक
सत्ता में रह विपक्षियों के दिलों में सम्मान,
देश को उन्नति पथ पर अग्रसर कर
आपने पाए प्रगति के नये आयाम।
अटल जी प्रखर वक्ता सिद्धहस्त कवि
अधरों पे मुस्कान सजाएं,आप तेजस्वी,
भारत रत्न की उपाधि से हुए सम्मानित
मॉं भारती के राष्ट्रप्रहरी युगपुरुष ओजस्वी।
अटल जी आप ग्वालियर के गौरव दीप
भारत के अनमोल दिव्य रतन,
प्रखर राष्ट्रवादी मां भारती के सपूत
आपको मेरा शत् शत् नमन ।
—-एकता गुप्ता ‘शब्दिता’
उन्नाव उत्तर प्रदेश




