
लक्ष्य की ओर बढ़ते कदम,
नहीं रुकना है, नहीं थमना है।
मन में दृढ़ संकल्प लिए,
आगे बढ़ना है, जीतना है।
हर मुश्किल को पार करना है,
हर चुनौती को स्वीकारना है।
नहीं हारना है, नहीं डरना है,
लक्ष्य की ओर बढ़ते जाना है।
जीत की मंजिल दूर नहीं है,
बस धैर्य और साहस से बढ़ना है।
लक्ष्य की प्राप्ति के लिए,
नहीं थकना है, नहीं रुकना है
बीना पाटनी पिथौरागढ़ उत्तराखंड स्वरचित




