
मैं हुँ हिंदी ।।
मैं हुँ भारत के माथे की बिंदी ।।
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मैं हुँ संस्कृत की जान ।।
भारतीयता है मेरी पहचान।।
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मैं हुँ राष्ट्रभाषा की अधिकारी ।।
हिंदी है जान हमारी ।।
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हर दिन हो हिंदी का दिन ।।
हिंदी की वन्दना हम करें प्रतिदिन ।।
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हिंदी दिवस नहीं दिवस मात्र।।
यह है एक त्योंहार
इस दिवस को मनाने को हम सभी हैं बेकरार।।
मीनाक्षी महाजन पठानकोट पंजाब




