साहित्य

शारदे वंदन

डॉ स्वाति पांडेय प्रीत

जयती जय मां शारदे , ऐसा दो वरदान ।
हाथ जोड़ बिनती करु ,पाए हम सद ज्ञान ।

ज्ञान दायनी शारदे ,प्रकट करु आभार ।

मुझ पर ऐसी कर कृपा ,बढ़े लेखनी धार ।

हे माता श्वेताम्बिके, धरो शीश पर हाथ ।
नित नवीन रचना लिखू ,चरण नवाऊं माथ ।।

मां वागेश्वरी वर दो , रचूं नवल साहित्य ।
उन्नति के पथ पर चलूं ,चमकूं ज्यों आदित्य ।।

डॉ स्वाति पांडेय प्रीत
लखीमपुर खीरी
उत्तर प्रदेश

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