
झूला झूलें बनवारी,संग बैठीं राधा प्यारी रे हारी ×2
1-काहे की लगी है पटली, कौन पेड़ की डारी रे हारी ×2
चन्दन की लगी है पटली,कदम्ब पेड़ की डारी रे हारी×2
2-कौन मास को उत्सव है यह कौन गाँव है प्यारी रे हारी ×2
श्रावण मास को उत्सव चले हैं, ब्रज गाँव है प्यारी रे हारी ×2
3- कौन युगल संग झूला झूलें, कौन भाव से न्यारी रे हारी ×2
राधे युगल संग झूला झूलें, प्रेम भाव से न्यारी रे हारी×2
झूला झूलें बनवारी, संग बैठीं राधा प्यारी रे हारी ×2
सुषमा श्रीवास्तव, मौलिक सृजन,©®, रूद्रपुर, ऊधम सिंह नगर, उत्तराखंड।




