साहित्य समाचार

श्री दीप साहित्यिक सेवा संस्थान, गोरखपुर का वार्षिकोत्सव एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम सम्पन्न

गोरखपुर।
श्री दीप साहित्यिक सेवा संस्थान, गोरखपुर द्वारा आयोजित वार्षिकोत्सव एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम प्रेस क्लब गोरखपुर के सभागार में अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विविध आयामों पर गहन विचार-विमर्श हुआ तथा अनेक साहित्यिक विभूतियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृतिचिन्ह, शॉल एवं सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो.आद्या प्रसाद द्विवेदी कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार ने अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसके मार्गदर्शन का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं।
मुख्य अतिथि डाॅ.अनिल राय ने अपने संबोधन में साहित्य की वर्तमान भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में साहित्यकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि शब्दों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है और यह कार्य साहित्यकार ही बखूबी कर सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि डा.सुधाकर तिवारी ने कहा कि साहित्य केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का आधार है। उन्होंने संस्थान द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों को सराहनीय बताते हुए भविष्य में और अधिक व्यापक आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की। विशिष्ट अतिथि के रुप में अन्नतञकीर्ति तिवारी ने कहा कि कहा कि साहित्य केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि साहित्य के माध्यम से व्यक्ति अपने विचारों को अभिव्यक्त करते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।कार्यक्रम को सारस्वत अतिथि के रुप में ओम प्रकाश द्विवेदी ओम,जय राम शर्मा,राकेश श्रीवास्तव, डाॅ.शिवेश्वर दत्त पाण्डेय, डाॅ.प्रतिमा गुप्ता ने भी सम्बोधित किया।कार्यक्रम का संचालन अमिताभ पाण्डेय ने किया तथा नन्द लाल मणि त्रिपाठी ने आभार व्यक्त कीया।
इस अवसर पर आयोजित पुस्तक विमोचन सत्र में चंद्र प्रकाश गुप्त अकिंचन की पुस्तक नौटंकी और इंजीनियर दानिका प्रसाद की पुस्तक विश्वकर्मा दर्शन दिनेश श्रीवास्तव की पुस्तक कर्मवान चालिसा तथा वार्षिकोत्सव विशेषांक का लोकार्पण किया गया। जिसे उपस्थित साहित्यकारों ने सराहा। वक्ताओं ने पुस्तकों की विषयवस्तु, भाषा-शैली और समसामयिक प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों के साथ साथ 28 साहित्यकारों को आदित्य सम्मान, 10 महिला साहित्यकारों को नारी गौरव सम्मान, 5 भोजपुरी साहित्यकारों को जुगानी भाई सम्मान, तथा दिव्य गंगा सेवा मिशन की ओर से 20 साहित्यकारों को गंगा सेवी सम्मान से सम्मानित किया गया।

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