
जन्मतिथि- 21 मई 1932
पुण्यतिथि – 8 अप्रैल 2011
भोजपुरी में पहिला व्यवहारिक व्याकरण, बाल एकांकी संग्रह, छाया नाटक, रेखाचित्र लिखे वाला, भोजपुरी भाषा आ साहित्य के लगभग हर जरुरी विधा में अपना कलम से लिखे-सिरजना करे वाला, भोजपुरी आ हिंदी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार रसिक बिहारी ओझा ‘निर्भीक’ जी के पुण्यतिथि प आखर परिवार बेर बेर नमन क रहल बा।
पाण्डेय कपिल जी, किताब लेखांजलि में निर्भीक जी के बारे में लिख रहल बानी –
” भोजपुरी के भाषिक मान्यता आ साहित्यिक समृद्धि खातिर मनसा-वाचा-कर्मणा समर्पित भाई रसिक बिहारी ओझा ‘निर्भीक’ जे जीवनदानी कर्मठ व्यक्तित्व आउर बहुआयामी कृतित्व का बारे में सोचीले त अकिल गुम हो जाला । बुझइबे ना करे कि भोजपुरी भाषा आ साहित्य के बढन्ती आ स्वीकृति खातिर कवन अइसन काम हो सकेला जे निर्भीज नइखन कइले । भाषा से ले के साहित्य तकले, शिष्ट साहित्य से लेके लोक साहित्य तकले, लोक साहित्य से लेके लोक-संकृति तकले, मौलिक लेखन से लेके सम्पादन तकले, ललित लेखन से लेके वैदुष्यमूलक विवेचन तकले, शोध-समीक्षा से लेके संग्रह-सम्पादन तकले आ अइसन कुल विविध योजना से लेके ओकरा सफल कार्यान्वन तकले उनकर कर्मठ जिनिगि उपलब्धियन से भरल बा । ”
निर्भीक जी के जन्म 21 मई 1932 के बिहार के बक्सर जिला के निमेज गांव में भइल रहे । इहां के बाबूजी के ब्रम्हेश्वर ओझा जी खुद एगो प्रसिद्ध कवि रहनी । माई के नाव रामसँवारी देवी रहे । इहाँ के शुरुवाती पढाई गांवही प भइल बाद में भाई किहां से 1951 में मैट्रिक पास कइनी आ 1953 सेना ज्वाइन कइनी । सेना में नोकरी करत इंटर पास कइनी आ 1958 में सेना के नोकरी से रिटायर हो गइनी। सेना से ऋटायर होते, ओहि साल, जमशेदपुर में टेल्को में नोकरी करे लगनी । टेल्को में नोकरी करत इहां के बीए आ एमए कइनी । 1981 में इहां के राँची विश्वविद्यालय से ‘भोजपुरी लोक कथाओ का सांस्कृतिक अध्ययन’ विषय प शोध कइनी आ डॉक्टर के उपाधि मिलल । विक्रमशिका हिन्दी विद्यापीठ, भागलपुर से इहां 1984 में विद्यासागर आ विद्यालंकार के मानद उपाधि मिलल । टेल्को में प्रबंधक के पद से रिटायर भइनी । 8 अप्रैल 2011 के भोजपुरी के महान साहित्यकार अपना लमहर यात्रा प निकल गइनी ।
डॉ रसिक बिहारी ओझा ‘निर्भीक’ जी के लिखल / सम्पदित किताबिन के सूची –
सुरतिया ना बिसरे (1964)
परिछाहीं ( 1966)
बुरबक बनलीं ( 1968)
तमाचा (1971)
भोजपुरी साहित्यकार (1973)
भोजपुरी शब्दानुशासन (1975)
शाहाबादी रचनावली (1982)
भोजपुरी नीतिकथा (1983)
हरिशंकर वर्मा स्मृति ग्रंथ (1989)
हवा के बात (1990)
मेघदूत (1992)
शराफत का जुरमाना (1994)
एक से एक (1996)
कैलाश मानसरोवर (1998)
खेल-तमाशा (2000)
कथा दादी-नानी के ( 2001)
घूमे चलीं जा (2003)
भोजपुरी लोकधारा (2006)




