
तेरा दीदार हो जाए अगर तू सामने आए,
हर धड़कन गीत बने, हर साँस मुस्काए।
तेरी आँखों में डूबा, मैं किनारा भूल जाऊँ,
तेरी एक हँसी पर, ये सारा जहाँ लुटाऊँ।
तेरे होठों की लाली, जैसे भोर की लाली,
तेरे बिना हर खुशी लगे अधूरी, खाली।
तेरे केशों की खुशबू, मन को मदहोश करे,
तेरा नाम ही मेरे दिल की हर सोच भरे।
तेरी चाल में है मौसम, तेरी बातों में राग,
तू पास हो तो फीका पड़े चाँद-सितारों का दाग।
तेरे संग चलूँ तो राहें भी गीत सुनाएँ,
तेरे हाथों में हाथ हो तो डर दूर भाग जाए।
तू मेरी दुआओं का सबसे हसीन असर है,
तेरे प्यार में ही तो मेरी हर एक सहर है।
तेरा दीदार हो जाए अगर तू सामने आए,
तो ये प्रेम कहानी हर जन्म गुनगुनाए।
कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश




