
वो गली, वो मकान
सचमुच बहुत वंदनीय
जिसने मुझे जीवंत रखें
सुख सुकून देते
ईश्वरीय शक्ति रूह
का अहसास कराते
अद्भुत शक्ति और
ऊर्जा ताकत दी
जैसे कहां गया
कण कण में
राम है
आज अहसास हुआ
सचमुच राम कहां नही
चाहिए केवल
वह दिव्य दृष्टि
सत् सत् प्रणाम
उस वो गली वो मकान
को जिसने
मेरा जीवन सार्थक
कर दिया
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश




