आशाओं ने सीएचसी पर किया विरोध प्रदर्शन लगाए गंभीर आरोप

अहरौला। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत नियुक्त 212 आशा बहुओं ने विभिन्न मांग और समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्टाफ व स्टाफ नर्स पर कई गंभीर आरोप लगाए आशा संघ की ब्लॉक संयोजक रीना उपाध्याय, रीता देवी, बिन्द्रावती, कामीनी सोनी आदि लोगों ने बताया कि पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सीएचसी पर दिया गया है वताया कि सीएचसी पर कि जन्म प्रमाणपत्र के लिए जितने वर्ष का बच्चा होगा उतने ₹100 लिया जाता है आशा जब ग्रामीण क्षेत्रों से प्रसूता महिलाओं को प्रसव करवाने के लिए आती हैं तो प्रसूता महिलाओं से प्रसव कक्ष में स्टाफ नर्स द्वारा 1000 से ₹2000 लिए जाते हैं दवा का अलग से लिया जाता है और दाई को भी 500 से ₹1000 देना पड़ता है इतना ही नहीं प्रसूता महिलाओं की खून जांच करने के नाम पर 20 से 30 रुपए लिए जाते हैं नसबंदी कराने के लिए ले आई गई महिलाओं से भी ₹100 वसूले जाते हैं और आशा बहूओं से अभद्रता की जाती है आशा बहूओं ने कहा कि हम लोगों का भी भुगतान बकाया है उसकी भी मांग की गई है अगर हम लोगों की मांग और समस्याओं के समाधान पर उच्च अधिकारियों द्वारा उच्च स्तरीय जांच की जाए कई बार ऐसे मामले को लेकर लोगों ने शिकायत की लेकिन उच्च अधिकारियों और स्टाफ के स्टाफ की मिली भगत से किसी तरह की कार्रवाई नहीं होती मामला ठंढे बस्ते में डाल दी जाती है आशाओं ने कहा कि अगर इन सभी समस्याओं का समाधान नहीं निकाला गया तो आशा बहुएं 15 अप्रैल के बाद काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेगी और काम भी काली पट्टी बांधकर करेंगी इसके लिए सीएचसी स्टाफ और उच्च अधिकारी जिम्मेदार होंगे। विरोध प्रदर्शन करने वालों में बिंद्रावती, चंदा सिंह, सुशीला, प्रियंका सिंह, शारदा मौर्य, प्रियंका चौबे, अंजुला सिंह, सरोज सिंह, प्रियंका राजभर, आशा, बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. मोहनलाल का कहना है कि आज मैं सीएससी पर मौजूद नहीं था आशाओं की क्या मांग है और क्या समस्याएं हैं पत्रक देखकर उनका समाधान कराया जाएगा आरोपों की भी जांच होगी।
