
#चाय सी मिठास
“जीवन की भागदौड़ में,थोड़ा समय खास चाहिए।
सादगी हो फूलों सी,चाय सी मिठास चाहिए।
संग हों सपने अपने ,मंजिलों की चाहत हो तो पूरी हो हर मुराद।
बस पथिक को कभी होना नहीं उदास चाहिए।
रूठे हैं वो मानेंगे,पहचान अपनी जानेंगे
हर सदी को एक नया पाना इतिहास चाहिए।
चाय सी मिठास लेकर मन में
चले हैं हम आगे जीवन में
कागजी फूलों को महकती सुवास चाहिए।
मेलजोल कराती भेद सब मिटाती
चाय की एक प्याली
अनुबंध भी बनाती।
आज सच्चे रिश्तों की ही
सभी को आस चाहिए।
डॉ. नवनीता दुबे नूपुर©®✍️मंडला,मप्र।



