
आओ बैठकर चाय पिएंगे ।
थोड़ी सी गपशप भी करेंगे ।।
साल विदा करेंगे हंसकर।
थोड़ा सा गुनगान करेंगे ।।
आओ थोड़ी मस्ती करलें।
बैठ साथ में थोड़ा हंसलें।।
साल बाद फिर मिलना होगा।
कामकाज में घीरना होगा।।
बहुत दिनों से मिले नहीं है ।
खुलकर हम तुम खिले नहीं है।।
ठंड कड़ाके की है भैया ।
चाय पिएंगे साथ में भैया।।
इस साल को विदा करेंगे ।
नई साल का ध्यान धरेंगे ।।
मिलना और मिलाना सीखो ।
चाय यार तुम पीनी सीखो ।।
चाय के संग हो मीठी चुगली।
थोड़ी इधर -उधर की गुगली ।।
“सागर” को इंतजार तुम्हारा ।
जिंदाबाद भाईचारा हमारा।।
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*जनकवि/ बेख़ौफ़ शायर*
डा.नरेश कुमार ‘सागर’
गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज




