आलेख
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पंच-कुन: एक खिलौने की गोद में मां की ममता तलाशता नन्हा बंदर
जापान के इचिकावा सिटी जूलॉजिकल एंड बॉटनिकल गार्डन्स की चहारदीवारी के भीतर जन्मा एक नन्हा जापानी मैकाक, जिसे दुनिया आज…
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एक पृथ्वी, एक मानवता: शांति और समझ का वैश्विक संकल्प
हर वर्ष 23 फरवरी को विश्व शांति और समझ दिवस ‘रोटरी इंटरनेशनल’ की स्थापना की वर्षगांठ के रूप में मनाया…
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दुखिया दास कबीर है
(ललित निबंध ) जब से होश संभाला है,कबीर को पढ़ा और सुना है। कबीर की यह दोहा भी कई बार…
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हमारी संस्कृति और त्योहार के प्रति
मेरा मानना है कि किसी भी व्यक्ति को जमीन से जुड़कर रहने के लिए अपने संस्कृति और त्योहारों से जुड़कर…
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सत्य का मुंह काला और झूठ का बोलबाला
धर्म, अध्यात्म और योग-साधना के क्षेत्र में सिद्धि और प्रसिद्धि का बड़ा गड़बड़झाला मौजूद है। जिनके पास प्रसिद्धि होती है,…
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आधुनिकरण की दौड़ में दम तोड़ता संस्कार
आज के समय में आधुनिकरण की दौड़ में देश विकास की ऊँचाइयों की ओर जितनी तेजी से आगे बढ़ रहा…
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विकास की दौड़ में पिछड़ता भारत
भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों का स्वरूप समय के साथ काफी बदल गया है। पहले जहां चुनाव विचारधाराओं, दीर्घकालिक विकास…
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डिलीट होती चिट्ठियाँ
संदेशों का संसार बड़ा रोमांचकारी है। संदेश हमारी भावनाओं को स्पंदित, उद्वेलित करते हैं। सुखद संदेश हमें खुशियों के आशावान…
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सरहद के सिपाही जैसे जज़्बे के साथ काम करते मेडिकल रिप्रजेंटेटिव
सुप्रिया डेस्क/दवा उद्योग की चमकदार दुनिया के पीछे एक ऐसा पेशा भी है जो लगातार संघर्ष, अनुशासन और त्याग…
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रोबोडॉग विवाद : तकनीक, पारदर्शिता और प्रतिष्ठा का टकराव
तकनीकी उपलब्धियों के इस युग में जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता को भविष्य की दिशा तय करने वाली शक्ति माना जा रहा…
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