साहित्य
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पंचमं स्कन्दमाता
पंचमी रात्रि शैलपुत्री महागौरी माता। स्कन्द कार्तिकेय,जननी कहलाती हैं।। पकड़ उंगली भगवान कार्तिकेय को। तीर कमान से युद्ध कला सिखाती…
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हिंदी साहित्य का इतिहास- रीति काल के कवि विषयक ऑनलाइन संगोष्ठी सम्पन्न
वागीश्वरी काव्य निर्झरिणी, प्रयागराज, उ.प्र. के तत्वावधान में 14वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी (ऑनलाइन) का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इसमें “हिंदी साहित्य…
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जिंदगी ऐ जिंदगी
थक चुके अब पाँव चलते-चलते, मोड़ पर खड़े हुए हैँ तेरे, धूप यादों की पिघल रही है, साये होने लगे…
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वंदना – माँ कात्यायनी
माँ अम्बा जय-जय कात्यायनी, स्वस्तिक हस्त, महिषासुर मर्दिनी। कठोर तप किए महर्षि कात्यायन ने, प्रसन्न हुईं देवी, जन्मीं उनके आँगन…
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चलो रे चलो
चलो रे चलो अयोध्या चलें मंदिर में प्रतिष्ठापित रामलला देखें। 1-वक्त वक्त की बात है अद्भुत, त्रेता से कलियुग में…
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कन्या पूजन
नवमी को पूजन करने बैठी कन्या रूप में आई मेरी मां। कोमल सा रूप गले में पुष्पों की माला। लाल…
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माँ दुर्गा आओ
झोली भरने , आओ माँ, नवरात्रे में ,घर – द्वार हमारे। कृपा करो माँ ,दुख हरना,दुनिया पूजे, दर खड़ी तुम्हारे।।…
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23 मार्च की गूंज
तेईस मार्च की वो सुबह, इतिहास में अमर हो गई, तीन दीवानों की कहानी, हर दिल के अंदर हो गई।…
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पंचम दिवस- स्कन्द माता
सिंहवाहिनी, तेज़स्वी, तेज़ तुम्हारा सूर्य समान मन की शुद्धि करती, देती तुम ज्ञान । कमल पर आसीन तुम मैया हाथों…
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