साहित्य
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सरस्वती वंदना
हे हंस वाहिनी माँ, हृदय में प्रेम भर दो। जीवन अब हम सबका, मेरी मात अमर कर दो। हम पथ…
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मूरख की बस्ती
मूरख की बस्ती में मूरख है सरपंच बिना बुलाये ही बन जाता ये पंच खुद की गलती इनको नजर…
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है जग जननी अंबे माता
हे! जगजननी अंबे माता, शत-शत है प्रणाम। छलक रहा है स्नेह चक्षु से, छवि बहुत अभिराम।। लाल चुनरिया सिंह सवारी,…
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गौरैया रानी
विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर छोटे-छोटे पंखों वाली, वो प्यारी सी पहचान, कभी हर आंगन में गूंजती थी, उसकी…
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समाज सेवा का आधुनिक स्वरूप
एक समाज सेवक की पत्नी ने कहा, “तुम भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में, शामिल मत होना, पछताना पड़ेगा, कमीशन मिलना भी…
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धत्त तेरी वादा की (हास्य-व्यंग्य)
जब पढाई का दौर होता है। लड़के लड़कियों में डाक्टर बनने का जुनून होता है तो समाज सेवा की भावना…
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वीणा के दोहे
बेटी, बहना, माँ बने, रूप अनेक महान। नारी के हर रूप में, बसता है भगवान॥ नारी शक्ति अपार है, उसका…
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कविता
हम देश की बेटियां हैं साहब अब सपनो को सच कर दिखाएंगे जो रोका गया सदियों से, राह बना दिखाएंगे…
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नन्हीं गौरैया
मैं हूँ इक नन्हीं गौरैया, डोलती रहती घर आँगन बगिया। 1-वृक्ष लगाओ,खूब बढ़ाओ, शाख-शाख पर चुन-चुन कर तिनके, मैंनीड़ सलोना…
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कृपा करो माता रानी
कृपा करो माता रानी दर्शन को माँ तेरे द्वार पर आई , कृपा करो माँ जगदम्बे भवानी। द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी…
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