मध्य प्रदेश

15,कृति विश्व पटल पर दस्तक दे दो साल में डॉ रामशंकर चंचल ने झाबुआ को अमर कर दिया

देश के मध्य प्रदेश में आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ जैसे में रहकर
सारा जीवन वहीं गुजार, अपनी जिंदगी भर सारे रात जाग कर अद्भुत इतिहास रच दिया डॉ रामशंकर चंचल ने झाबुआ मध्य प्रदेश आदिवासी पिछड़े अंचल के साथ साथ देश और विश्व पटल पर दस्तक देती अमेज़न पर उपलब्ध कराई गई इंकलाब पब्लिकेशन मुंबई द्वारा प्रकाशित हुई सागर जख्मी साहब की अद्भुत लेखन उम्दा कलम और कमाल की गहराई लिए भूमिका में आई सभी कृतियों ने आज सम्पूर्ण विश्व में चर्चित हो चर्चा बन गई है इस अद्भुत सत्य से इनकार नहीं किया जा सकता है देश को सैकड़ों कृतियों के बाद आज विश्व पटल पर हिन्दी भाषा को सम्मान दिया अपनी 15 वीं कृति भेंट कर डॉ रामशंकर चंचल ने जो सदियों जिंदा रहेगी और झाबुआ को साहित्य जगत में चर्चित कर अमर कर गई झाबुआ जहां साहित्य जैसे गहन गम्भीर विषय पर चर्चा करना बेइमानी है जो अशिक्षित जिला के नाम से जाना जाता हैं और वहां सारा जीवन व्यतीत कर कोई साधारण शिक्षक अपने अथक परिश्रम और साधना से पूरे देश में चर्चित हो चर्चा बन जाता है तो यह बेहद महत्वपूर्ण किरदार हैं जो लोग को सतत् कर्म पथ पर दस्तक देता प्रेरणा स्रोत होगा और सदियों जिंदा रहेगा
सचमुच बहुत बहुत वंदनीय हैं झाबुआ मध्य प्रदेश की पावन भूमि जहां एक महान साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल का जन्म हुआ जो आज सम्पूर्ण देश में विश्व में अद्भुत आदर और सम्मान से सम्मानित हो पढ़ा और सुना जाता है
पूरे आदिवासी जन जीवन और संस्कृत, को अपनी सहज सरल भाषा में लिखी गई लघु कथाओं और कविताओं के साथ साथ अद्भुत उपन्यास और खंड काव्य, आलेख कृतियों से आज सम्पूर्ण विश्व पटल पर झाबुआ को रखा गया है जो सदियों शोध करते पी एच डी करते हुए आनेवाली युवा पीढ़ी के लिए हितकारी हो जिंदा रहेगा
ऐसे विरले लोग साहित्य साधक आज कहां देखने मिलते है जो सारा जीवन साहित्य और हिंदी भाषा के अस्तित्व में लगा कर अच्छा महसूस करते हुए जीते है और प्रेरणा स्रोत बन जाते हैं
धन्य धरा भारत धन्य धरा झाबुआ मध्य प्रदेश आदिवासी पिछड़े अंचल सत् सत् प्रणाम ईश्वर देव भूमि को नमन आदरणीय डॉ रामशंकर चंचल जी की अद्भुत अनुपम साहित्य साधना और तपस्या को उनकी सहजता सरलता और मानवीय सोच और चिंतन को जो देश में विश्व में चर्चित हो सकारात्मक सोच और चिंतन को जन्म देता है
सैकड़ों कृतियों को भेंट करने के साथ साथ विश्व चर्चित सैकड़ों यू ट्यूब चैनल पर रचनाएं पाठकों की लाखों चाहने वालों की अद्भुत साहित्य भूख को तृप्त करती हैं उन्ही के स्वर में चर्चित हो, हजारों हजारों रचनाओं को जन्म देता हुआ यह एक ऐसा इतिहास रचा गया है जो सदा स्मरण किया जायेगा
आज सम्पूर्ण विश्व में झाबुआ मध्य प्रदेश आदिवासी पिछड़े अंचल जो कभी हाशिए पर था आज अमर हो चर्चा बन गया है

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