
अश्क आंखों से दिखाया है दिखाने वाला
घाव दिल को मेरे देता है जमाने वाला।।
पुत हूं भारत भुमि माता का ही जीवन मेरा
जिन्दगी के हर लफड़े को मिटाने वाला।।
हूं मैं आजाद हूं क़िस्मत के सितारों का भी
पास मेरे दिल भी इक हैं हंसाने वाला।।
लम्हा उसकी जब बाहों भर रखता हूं मैं
हूं न आजाद से ख्यालों का कमाने वाला।।
करते रखवाली भी आने पर जाने पर ख़ुद
कौन आयेगा यहां मिलने मिलाने वाला।।
कनक


