साहित्य

अटल

सुभाष हेमबाबू नादान

संसद में ही नहीं सारे जगत में
गूंजती थी जिसकी वाणी
अटल नाम था अटल भाव था
.अटल है अमर कहानी
ब्रह्मचर्य की राह पर चलकर
सदभावना का पाठ पढा़या था
कवि श्रेष्ठ जननायक जन प्रिय
अटल विश्वास जगाया था
देशभक्ति में रहा मगन था
भारत भारती का अनमोल रतन था
बुंदेलखंड के अमर वीर की
सुन लो अमर कहानी
संसद में नहीं सारे जगत में
गूंजती थी जिसकी वाणी
अटल नाम था अटल भाव था
अटल है अमर कहानी
धोती,कुर्ता और जाकेट ही
सादा उनका पहनावा था
पोखरन में परमाणु परीक्षण कर
परमाणु जगत पर बोला धावा था
निर्बल निर्धन जन पर निहाल थे
साहस की अद्भुत मिशाल थे
साकार वही कर देते थे
जो मन में लेते ठानी
संसद में नहीं, सारे जगत में
गूंजती थी जिसकी वाणी
अटल नाम था अटल भाव था
मां सरस्वती के थे वरदानी
राजनीति के प्रखर खिलाड़ी
अटल शांति के संवाहक थे
जो कहते थे सो करते थे
वचन के पुख्ता पालक थे
पक्ष विपक्ष सभी के प्रिय नेता
बेबाक  थी जिनकी वाणी
संसद में नही सारे जगत में
गूंजती थी जिसकी वाणी
अटल नाम था अटल भाव था
मां भारती के थे वरदानी
धन्य धन्य है वो पावन धरती
जहां जन्मे थे जहां अटल बिहारी
धन्य धन्य है वो जननी माता
धन्य धन्य पिता कृष्ण बिहारी
अपने पौरुष निष्ठा के बल पर
रच दी अमर कहानी
संसद में नहीं सारे जगत में
गूंजती थी जिसकी वाणी
अटल नाम था अटल भाव था
अटल है अमर कहानी
हे धर्म दूत हे ज्योति प्रखर
नमन तुझे है सहस्त्र बार
हे जन जन के प्रेरणास्रोत

तेरे विवेक से देश गया निखर
नमन है तुझको सहस्त्र बार
जब तक सूरज चांद रहे
अमर रहे तेरी कहानी
संसद में नहीं सारे जगत में
गूंजती थी जिसकी वाणी
अटल नाम था अटल भाव था
अटल है अमर कहानी

सुभाष हेमबाबू नादान
महोबा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!