साहित्य

अटल थे अटल

नीतू रवि गर्ग "कमलिनी"

अटल था अटल जी का पूर्ण विश्वास,
नाम की तरह ही थे अटल,
तीन बार बने देश के प्रधानमंत्री,
किया उन्होंने हमेशा देश का उद्धार।

करते थे वे जन कल्याण के कार्य,
इसीलिए थे जनता के सबसे लाडले,
कारगिल युद्ध में विजय मिली,
अटल जी के अटल विश्वास से।

स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना को,
किया उन्होंने साकार,
सर्वश्रेष्ठ वक्ता और महान कवि थे,
रचते थे बहुत ही भावपूर्ण रचनाएं

पढ़कर हो जाते हैं सब भावविभोर
मिलती है जीवन को नई राहें
अटल जी की रचनाएं में झलकता
उनका सुदृढ़ व्यक्तित्व

ब्रह्मचारी बने रहे जीवन भर,
करते थे छोटे बड़ों का आदर,
बिटिया को गोद लेकर,
उसके संग किया जीवनयापन।

अनेकों उतार चढ़ावों के बाद भी,
हमेशा एक नई ऊर्जा से भरे रहे,
भारत रत्न पुरस्कार से नवाजे गए,
कहलाए अटल जी भारत के रत्न।

ऐसे थे हमारे माननीय अटल बिहारी जी,
करती हूं मैं उनको शत शत नमन,
जन्म ले धरती पर ऐसे युगपुरुष बारंबार,
तो हो जाए सब देशवासियों का उद्धार।

नीतू रवि गर्ग “कमलिनी”
चरथावल मुजफ्फरनगर (उत्तरप्रदेश)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!