जहां रहते हैं हम
पेड़ पौधे हैं कम
वायु प्रदूषण है बड़ा
जिसमें घुटते है दम
धुंध और कोहरे की मार
जिससे घटी जीवन की रफ्तार
कुछ तो सोचो इस बारे में
कुछ सोचेंगे हम.
जीवन में भाग दौड़ बड़ी है
समस्या जहां थी वहीं खड़ी है
कुर्सी पर जो बने हुए हैं
किसको है गम
खूब काट रहे हैं पेड़
मार रहे जीवन की रेड
एक दिन तो रोएंगे
करके आंखें नम
पंडित पुष्पराज धीमान भुलक्कड़
गांव नसीरपुर कला हरिद्वार उत्तराखंड




