
दर्द का दरिया बहा कर
दर्द का दरिया बहा कर ख़ुद तर जाऊंगा
ख़्वाब में खो कर वादे पे यूं घर जाऊंगा।।//१//
तेरी तस्वीर को सीने से लगा के रक्खा
तेरी आंखों में खुद ठहर जाऊंगा।।//२//
दरकिनार मगर करते हैं वो हमको भी अब
वह बुलाएगा कभी दिल में उतर जाऊंगा।।//३//
उसकी तस्वीर को देखूं मैं भी हरदम जाने
गर मुहब्बत में पुकारे तो मैं पर जाऊंगा।।//४//
देखा उसको हमने जब से जुदा है दिल भी
वरना खुद्दार मुसाफ़िर हूं गुजर जाऊंगा।।//५//
ग़ज़ल
उसी का झूठा वो वादा नहीं निभा मुझसे
कहे तो क्या हम तुमको नहीं बड़ा मुझसे।।//१//
सितम मिला इतना हैं अभी अभी हम को
वो एक प्यारा भी होता नहीं मिला मुझसे।।//२//
बड़ी ही मुश्किल है अब विदा हो जाते हम
वो एक बच्चा जो होता भी बड़ा मुझसे।।//३//
बड़ी शिद्दत से पाया कभी मगर सोचा
वो आप का कुछ होता कभी भला मुझसे।।//४//
सुना नहीं हमने भी कभी किसी को भी
उसी के इश्क़ का मेहर कभी गिरा मुझसे।।//५//
कनक




