यूपी

एक लाख एक विश्व कीर्तिमान काव्य महाकुम्भ

डॉ. सत्या होप टॉक का विशिष्ट कार्यक्रम

काशी meet बनारसिया के मंच पर 25-26 दिसंबर को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. सत्य प्रकाश जी के आह्वान पर वाराणसी पधारे हुए विशिष्ट साहित्यिक पुरोधा जनों के संयोजन में अगले तीन वर्षों के लक्ष्य को लेकर एक बड़ा काव्य महाकुंभ का आयोजन प्रारंभ किया जा रहा है। कार्यक्रम को करने के लिए आवश्यक फैसिलिटी को “M2S3 नेशनल फैसिलिटी” का नाम दिया गया है जिससे कार्यक्रम की अंतरराष्ट्रीय छवि को राष्ट्रीय भावना से ओत प्रोत किया जा सके। अगले तीन वर्षों के लिए सतत चलने वाले इस अभियान में देशभर से 5000 से अधिक साहित्यकारों को जोड़ने और उनकी कविताओं का प्रस्तुति कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी पहली कड़ी में बिजनौर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं विशिष्ट संयोजक डॉ. नीरज कांत सोती जी के नेतृत्व में सह संयोजकों की एक पूरी टीम वाराणसी आकर कार्यक्रम को शुभारंभ करने और फैसिलिटी का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए 24 दिसंबर को पधार रही है। इस फैसिलिटी के निर्माण में डॉक्टर सत्य प्रकाश जी के साथ अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हुए साथियों का सहयोग भी प्राप्त हो रहा है जिससे कि इस कार्यक्रम में संयोजक का दायित्व विभिन्न अंतराल पर विभिन्न लोगों को दिया जा सके। देशभर से 5000 लोगों को इस कार्यक्रम में प्रस्तुति करने के लिए व्यवस्था को सतत संचालित करना एक बड़ा दायित्व है, जिसकी निगरानी पूरी तरह से संरक्षक मंडल के सदस्य और कार्यकारी मंडल के सदस्य कर रहे हैं. विश्व रिकॉर्ड को ज्ञापित करने वाली संस्थाएं गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं वर्ल्ड बुक रिकॉर्ड को रजिस्टर किया गया है जिससे कि उनके रिव्यु के द्वारा इस कार्यक्रम को विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराया जा सके।

25 दिसंबर को महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी का जन्म दिवस एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री कवि कुलश्रेष्ठ अटल बिहारी वाजपेई जी का जन्म दिवस महामना अटल मेला के तौर पर इस कार्यक्रम का शुभारंभ महोत्सव के रूप में जाना जा रहा है। महामना अटल मेले का संयोजन भार भी आदरणीय नीरज कांत सोती जी एवं उनके साथी डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी, डॉ. इंद्रा गुप्ता यथार्थ एवं पौड़ी मंडल की वरिष्ठतम साथी अंजलि डुडेजा जी कर रही हैं। आप चार लोगों की श्रेष्ठ अगुवाई में दिनांक 24 दिसंबर को काशी में 60 से अधिक विशिष्ट लोग काशी के बाहर से इस महोत्सव का आनंद लेने के लिए आ रहे हैं।जिनकी सहभागिता 25 दिसंबर को महामना अटल मेले के साथ-साथ काशी हिंदू विश्वविद्यालय की पुष्प प्रदर्शनी एवं अन्य उत्सव कार्यक्रमों में भी रहेगा। 100001 विश्व कीर्तिमान काव्य महाकुंभ के शुभारम्भ सत्र की अध्यक्षता डॉ. बुद्धि नाथ मिश्र जी एवं चिकित्सा विज्ञान संस्थान के पदाधिकारी कर रहे हैं, जिनमें निदेशक, चिकित्सा विज्ञान प्रोफेसर एसएन शंखवार एवं आयुर्वेद संकाय के प्रमुख प्रोफेसर प्रदीप कुमार गोस्वामी मुख्य रूप से पहले सत्र में उपस्थिति रह कर कार्यक्रम में सम्मान ग्रहण करेंगे। वैज्ञानिक डॉ. सत्य प्रकाश जी को ऐसे विशेष कार्य के लिए तैयार करने के प्रति काशी हिंदू विश्वविद्यालय के इन प्रतिष्ठा प्राप्त संरक्षकों को आभार ज्ञापन भी कार्यक्रम के अंतर्राष्ट्रीय संयोजक डॉ. नीरज कांत सोती जी के द्वारा किया जाएगा।
कार्यक्रम में शिक्षा अभियान को प्रति दिवस अपना योगदान दे रहे और देश भर में महामना मानस संतति डॉ. सत्या होप टॉक के परचम को फहरा रहे साथियों का अलंकरण एवं विशेष सम्मान किया जाएगा। 25 दिसंबर को ही आदरणीय डॉ. बुद्धि नाथ मिश्र जी के गीतों की संध्या भी सजेगी एवं 26 दिसंबर को देशभर से जुड़े हुए साहित्यकार प्रातः काल से ही विश्व कीर्तिमान के कार्यक्रम को संपादित करने के लिए अपनी-अपनी प्रस्तुति प्रारंभ कर देंगे। कार्यक्रम में मिर्जापुर की धरती से जुड़े हुए मुकेश पांडे जी के नवचेतना प्रोजेक्ट के विषय में भी उनके द्वारा बताया जाएगा और उनकी संस्था का सम्मान किया जाएगा।

एक बार इस कार्यक्रम का शुभारंभ हो जाने के पश्चात देश भर से जुड़े हुए 5000 से अधिक साहित्यकारों एवं काशी के वरिष्ठ साहित्यकारों के सहयोग से और उनके संयोजन को प्राप्त करके अगले 1111 दिवस के भीतर 100001 काव्य प्रस्तुतियों को इसी एक स्थान पर करवाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा, जिससे एक बड़ा कीर्तिमान माना जाएगा। वर्ष 2025 के आखिर से शुरुआत होकर, वर्ष 2026 और वर्ष 2027 के लिए “महामना सभागार” को इसी एक लक्ष्य के प्रति नेशनल फैसिलिटी काम के निमित्त तैयार किया जा रहा है।

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