यूपी

देहदानी कवि यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव को बोधगया में ‘अतरराष्ट्रीय सम्मान’

गोण्डा (उत्तर प्रदेश): जिले के वरिष्ठ कवि साहित्यकार देहदानी यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव को बोधगया बिहार में अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया गया है।
बोधगया (बिहार ) में आयोजित तीन दिवसीय आचार्यकुल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं काव्य महाकुंभ में आचार्यकुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य धर्मेन्द्र ने यमराज मित्र को अंगवस्त्र, सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह देकर किया। इसके अलावा मधु गोयल (केलोफोर्निया), डा. अणिमा श्रीवास्तव (पटना) अभय ‘ज्योति-जिज्ञासु’ , वंदना सूर्यवंशी (गोरखपुर), निवेदिता सिन्हा (गया), हरिनाथशुक्ल ‘हरि’, कलीम खान सुल्तानपुर), प्रदीप सारंग (बाराबंकी), कैप्टन सरोज सिंह, रामराज भारती, प्रवीण पाण्डेय आवारा (लखनऊ), डा. कंचन सिंह सहित सौ से अधिक कवियों/ कवियित्रियों, शिक्षाविदों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं को अपने अपने क्षेत्र में विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर आचार्य कुल के पदाधिकारियों के अलावा देश/विदेश के सैंकड़ों कवियों, साहित्यिक मनीषियों, प्रबुद्ध नागरिकों और आचार्यकुल के बच्चों के साथ रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच के संस्थापक डा. शिव नाथ सिंह शिव, राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. इंद्रेश भदौरिया, लब्धप्रतिष्ठ रामकथा वाचक डा. अरविंद असीम, वरिष्ठ कवि साहित्यकार त्रिलोक चंद्र सेन, अयोध्या प्रसाद लोधी, इंद्रजीत सिंह अर्चक, ईश्वर चंद्र जायसवाल विद्या वाचस्पति, मनीष सागर, सत्यवान साहब, राम लखन वर्मा सहित सैकड़ों अन्याय मनीषी उपस्थित रहे।
ज्ञातव्य है कि श्री श्रीवास्तव वर्तमान में पक्षाघात का दंश झेलते हुए भी साहित्यिक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके बहुआयामी व्यक्तित्व, बेबाक, सर्वसुलभ, सर्वहितैषी व्यक्तित्व के धनी नवोदित रचनाकारों के लिए सारथी की भूमिका निभाने वाले सुधीर श्रीवास्तव जी विभिन्न राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय पटलों/मंचों से 2300 से अधिक सम्मान पत्र प्राप्त कर चुके श्री श्रीवास्तव विभिन्न साहित्यिक पटलों में पदाधिकारी भी हैं।
विद्या वाचस्पति मानद उपाधि’, विद्यासागर’ प्राप्त कर चुके और बुलंदी विश्व रिकॉर्ड कवि सम्मेलन में प्रतिभाग कर ‘काव्यश्री’, अखंड काव्यार्चन गोल्डेन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड, ऐतिहासिक अमृत महोत्सव काव्य गोष्ठी के लिए ‘गौरव सम्मान’, ‘कोच काव्य कुँभ 2021’, जय विजय सम्मान 2021, संगम शिरोमणि आदि से सम्मानित श्री सुधीर श्रीवास्तव नेत्रदान का संकल्प और देहदान की सार्वजनिक घोषणा कर चुके हैं। नवोदित रचनाकारों को यथासंभव प्रेरित कर सहयोग/मार्गदर्शन देते हुए आगे बढ़ाने का भी हर संभव प्रयास करते हुए प्रेरक , गाडफादर, सारथी की भूमिका लगातार निभा रहे हैं।
श्री सुधीर श्रीवास्तव के सम्मानित किए जाने पर अनेक साहित्यिक सामाजिक विभूतियों ने उन्हें बधाइयाँ और शुभकामनाएं देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है।

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