साहित्य

हमारे अटल जी

प्रभात सनातनी "राज" गोंडवी

जो अटल रहा,अटल है उसका क्या बखान लिखूं,
जिसे अमरत्व प्राप्त हो उसका जीवनदान लिखूं।
जिसने भारतीय भाषाओं को जग में मान देकर,
प्रति करूं खुद को समर्पित थोड़ा सा ज्ञान लिखूं।।

अटल जी की प्रतिभाओं को सारा जग जानता है,
कोई ऐसा लाल नहीं,जो इस लाल को न पहचानता है।
जिसने पूरे ब्रह्मांड को अपना ही परिवार समझा हो,
अब सच बताओ, मैं उसके बारे में क्या ज्ञान लिखूं।।

हमारे अटल जी आराध्या राम के लिए हनुमान हुए,
हमारे रोगी सनातन धर्म उद्धार के लिए महान हुए।
हमें अज्ञानी बनाए रखने वाले जो इस जग के लोग थे,
उनको अज्ञानी बनाया अटल जी ने क्या हानि लिखूं।।

अटल जी के शब्द अटल होने का प्रमाण देते हैं,
लोकतंत्र भी अटल जी के शब्दों से सजल होते हैं।
देश की कुछ जनता ने हराया हमारे अटल जी को,
जो अटल थे, अटल रहें, क्या देश की शान लिखूं।।

प्रभात सनातनी “राज” गोंडवी
गोंडा-उत्तर प्रदेश

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