
मऊ/उत्तरप्रदेश। शारदा सेवा संस्थान, मऊ एवं साथी यूपी द्वारा संचालित CCCRT (Capacitating CSOs for Climate Resilience and Transition) परियोजना के अंतर्गत जलवायु परिवर्तन विषय पर ग्राम पंचायत रकौली में किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पराली जलाने से होने वाली हानियों, मृदा परीक्षण (सॉयल टेस्ट), सुपर सीडर से गेहूं की बुवाई तथा जीवामृत बनाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। किसानों के साथ जीवामृत निर्माण की योजना भी तैयार की गई।
कार्यक्रम के दौरान जलवायु अनुकूल खेती की आवश्यकता और उसके लाभों पर प्रकाश डाला गया। बताया गया कि इस प्रकार की खेती अपनाने से किसान फसल की गुणवत्ता व उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी के स्वास्थ्य में भी सुधार कर सकते हैं। किसानों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने में गहरी रुचि दिखाई।
इसके पश्चात सुपर सीडर से बोए गए खेत का किसानों के साथ अवलोकन एवं चर्चा की गई। किसानों ने बताया कि इस विधि से खेती करने में लागत कम आ रही है और यह एक प्रभावी व लाभकारी तरीका है, जिससे उनका भरोसा भी बढ़ रहा है। डेमो के रूप में किसान विजई जी के खेत का निरीक्षण कर उनके साथ अनुभव साझा किए गए।
बैठक में शारदा सेवा संस्थान से रुद्र प्रताप, संगीता, आसिफ तथा हरित साथी प्रयागदत्त गोपाल उपस्थित रहे।



