साहित्य

भारतरत्न श्री अटल बिहारी बाजपेई

विरेन्द्र जैन माहिर

 

आदर्शों पर अटल हिमालय, सी जिनकी इच्छा शक्ति,
कर्त्तव्य पथ पर अडिग, अकम्प आदर्श देश भक्ति,
अटल विचारों के स्वामी, सत्य पथिक विहारी थे,
ऐसे अटल बिहारी करते नाम की सार्थक अभिव्यक्ति!

नवयौवन में गृहत्याग समर्पित, देश को जीवन कर डाला,
मानवता की सेवा करने, निस्वार्थ राजधर्म पाला,
स्वतंत्रता संग्राम में बढ़ चढ़, जन चेतना जागृत करते,
ओजस्वी स्वर उच्च मुखर, शब्दों में बहती जैसे ज्वाला!!

अधरों पर साहस व संकल्पों की मुस्कान सदा रहती,
आत्मविश्वास से भरी नीतियां, राष्ट्र गौरव गाथा कहती,
लोकतंत्र के उन्नायक सत्ता की ख़ातिर झुके नहीं,
पक्ष विपक्ष की भूमिका के, निर्वहन में नैतिकता महती!!

परमाणु परीक्षण कर भारत को, वैश्विक शिखर प्रदान किया,
नव उदित किया भारत भानु, और पश्चिम को चौंका दिया,
कारगिल युद्ध में दुश्मन देश, के आगे घुटने नहीं टेके,
शौर्य पराक्रम देख भारत का, नतमस्त हुई सारी दुनिया!

विदेश नीति में पारंगत, दुश्मन के मंसूबे किए विफल,
संयुक्त राष्ट्र में भारत के, स्वाभिमान का चेहरा बने अटल,
अटल जी के शब्दों में बसा, भारत का अटल विश्वास,
हिन्दी में उद्बोधन दे नव, ऊर्जित कर दिया विश्व पटल !

अटल रहे राजनीति और साहित्य का अद्भुत संग महान,
भारत के प्रति कविता में, प्रेम समाहित उनका स्वमान,
“हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा” उनका रहा संदेश,
संघर्ष की राह पर कविता, बन जाती आत्मबल सोपान!

जब भी वे कविता लिखते मन का दर्द छलकता था,
समाज के हर वर्ग के हित का स्वप्न ह्रदय में बसता था,
मां भारती के प्रति प्रेम हर, काव्य में उत्प्राणित होता,
उनकी रचनाओं में सजीव, राष्ट्र सम्मान झलकता था!

दिसंबर पच्चीस को भारत में सुशासन दिवस मनाते हैं,
रत्न आपसा पाकर भारत रत्न गर्वित हो जाते हैं!
अटल जी से प्रेरणा पाकर विश्व गुरु बने भारत,
उनके आदर्श व्यक्तित्व को हम शत शत शीष नवाते हैं!!

विरेन्द्र जैन माहिर
वड़ोदरा गुजरात

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!