साहित्य

माँ सा ना कोई और

अनुज प्रताप सिंह

माँ की ममता प्यारी, माँ सा ना कोई और,
वह ममता बरसाए ,हर पल बच्चो की ओर ,

रामा हो, चाहे हो, किशन कन्हैया,
सबके ये मन को भाये, अपनी मईया,
मईया को ज़ब देखे,याद आये बचपन का दौर,
माँ की ममता सा है,जहाँ मे ना कुछ और,
मां की ममता प्यारी मां सा ना कोई और,
वह ममता बरसाए, अपने बच्चो की ओर,

जब भी मुश्किल आये, बच्चो ने पुकारा,
मैया दौड़ी आये,कुछ ना विचारा,
यम से भी भिड़ जाये,लगा दे पूरा जोर,
मां की ममता सा है, जहाँ मे ना कुछ और
माँ की ममता प्यारी, माँ सा ना कोई और,
वह ममता बरसाए, हर पल बच्चो की ओर,

लल्ला ये सँग रहे,चाहे रहे वो बिदेसवा,
मैया,ये राहिया ताके,मिले कब संदेशवा,
कैसा है मेरा लल्ला, कैसा है चित चोर,
माँ की ममता सा है, जहाँ मे ना कुछ और,
माँ की ममता प्यारी, माँ सा ना कोई और,
वह ममता बरसाए हर पल बच्चो की ओर,

अनुज प्रताप सिंह रायबरेली उत्तर प्रदेश
मो 9161616271,
7007652595

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