मगध महोत्सव का अद्भुत आगाज़
आयोजक कुमार लक्ष्मीकांत, संयोजक सुभाष शर्मा और व्यवस्थापक ऋषभ शर्मा की शानदार तिकड़ी नें पटना की पावन धरती पर खींची एक सफलतम लकीर

कवि डॉ प्रीतम कुमार झा को मिला मगध गौरव सम्मान-2025

मगध की ऐतिहासिक विरासत, कला, संस्कृति और लोक परंपरा का सम्यक निर्वहन करते हुए पटना संग्रहालय के सुन्दर सभागार में 14 दिसंबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, मगध गौरव सम्मान समारोह सह कला प्रदर्शन का नायाब उदाहरण और नज़ीर बना पटना. जिसमें शामिल होने के लिए भारत के लगभग हर कोने से कलाकार और कविगण आये थे. साहित्य, कला और समाजसेवा का सचमुच त्रिवेणी संगम था यह महान कार्यक्रम.

अन्तर्राष्ट्रीय कवि सह शिक्षक डॉ प्रीतम कुमार झा की अद्भुत गायन शैली और श्रीराम गीत जिसपर विश्व रिकॉर्ड बना है, नें सभी को गाने और झूमने पर विवश कर दिया. इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सह वरिष्ठ भाजपा नेता श्री अश्विनी चौबे, श्री सी. पी. ठाकुर, पटना संग्रहालय के एडिशनल डायरेक्टर एस. के. झा, सह आयोजक निर्भय कांत, मुख्य वक्ता, आई. ए. एस कवि आशीष कुमार वर्मा, पूर्व सांसद श्री अरुण कुमार, अन्तर्राष्ट्रीय कवि चन्दन राय जी, लोक गायिका रौशन कुमारी, डॉ सहजानंद, प्रसिद्ध कवयित्री रंजनी प्रभा, बिहार के डिप्टी कमिश्नर स्टेट टैक्स समीर परिमल, वरिष्ठ पत्रकार अमलेन्दु अस्थाना, अद्भुत संचालक विकास वर्धन मिश्र, श्री राजमणि मिश्र, नागेंद्र पाठक, सवर्ण सेना के अध्यक्ष भगवत शर्मा, उपासना सिन्हा, रश्मि गुप्ता, भोजपुर के प्रोबेशनरी डिप्टी एस. पी कोमल मेहता,कुमार रजत, चन्दन द्विवेदी, विवेक आज़ाद, प्रोग्रामिंग डायरेक्टर दूरदर्शन पटना, अन्तर्राष्ट्रीय कवि ओंकार शर्मा कश्यप, मनोज वर्णवाल इत्यादि थे. दूसरे सत्र में पुस्तक विमोचन का कार्यक्रम हुआ, जिसका संचालन आकांक्षा अनुभूति वृंदा नें किया. गायिका सुश्री नंदिनी की प्रस्तुति काफी अच्छी रही. इसमें विशिष्ट अतिथि आशुतोष उपाध्याय, सुप्रसिद्ध लेखिका आशा प्रभात और एस. के. झा थे. साथ में अविनाश बंधु, और मुकेश ओझा थे. तृतीय सत्र का संचालन कवयित्री वर्षा ठाकुर नें किया. विशिष्ट अतिथि मनोज मिश्रा, साहित्यकार, पुरुषोत्तम राज, निरंजन केशव प्रिंस, रौशन कुमार, आदित्य कुमार, अनमोल शोभित, सुधांशु मिश्रा, और अंश मिश्रा थे. अंतिम सत्र में संचालक अम्बुज उषानन्दन थे, और मुख्य अतिथियों और सम्मानित लोगों में सायन कुणाल, हिंदू यशराज सिंह इत्यादि रहे. मुख्य गायिका रौशन कुमारी, दीपशिखा शर्मा, सुष्मिता भारती के गीतों नें सबको सराबोर कर दिया.झिझिया नृत्य, और रामायण की नाट्य प्रस्तुति नें सच में भाव विभोर कर दिया. इस कार्यक्रम नें एक मिल का पत्थर साबित कर दिया और यह संदेश भी दिया कि आज पुनः हम सबको मिलकर अपने गौरव को प्रतिस्थापित करते हुए हर प्रतिभा को उचित सम्मान और मंच प्रदान करना है. युवा किसी से पीछे नहीं है. स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र, प्रमाण पत्र देकर सबको सम्मानित किया गया. आगामी कार्यक्रम की अग्रिम बधाई देते हुए कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन से अंत किया गया.



