साहित्य

ना किसी से

कनक

ना किसी से दगा कीजिए
वादे पे यूं चला कीजिए।।//१//

बिन वफ़ा ना रहा कीजिए
साथ उसका निभा कीजिए।।//२//

बात कुछ भी नहीं दिल जुदा
प्यार में बादशा कीजिए।।//३//

जिन्दगी में कभी ना करो
साथ में ना दगा कीजिए।।//४//

आप भी अब वफ़ा कीजिए
हो सके तो हंसा कीजिए।।//५//

दिल हमारा वफ़ा है तलक
दिल हमेशा पढ़ा कीजिए।।//६//

जिन्दगी में ख़ुशी हो सदा
रोज़ खुलकर जिया कीजिए।।//७//

कनक

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