साहित्य

श्री अटल बिहारी वाजपेई…

कवि शैलेंद्र जैन गुनगुना

अटल जी, कमल के फूल
के में, अपने विचारों की
खूबसूरती में फूल गुलाब थे।
पक्ष नहीं विपक्ष वाले भी
उनका करते थे सम्मान
ऐसे नेता वह लाजवाब थे
अपनी बात कहने में संवाद
शैली उनकी थी करिश्माई।
इससे जमाने में अटल
जी ने, बहुत वाह वाह पाई।
एक बेहतर कवि मन भी थे
है अटल जी, इनकी जो
अद्भुत कविता थी “गीत
नया गाता हूं”, यह जिसनें
भी सुनी उसने उसने अटल
जी के शानदार कवि मन
की तारीफ में ताली बजाई।
कवि शैलेंद्र जैन गुनगुना
झालावाड़ राजस्थान

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