
“वृंदा महारानी नमो नमन
करूं आराधना प्रतिदिन
तुम्हारे लिए।
पवित्र तुलसी मोक्ष प्रदायिनी
सुंदर हरियाली मनमोहनी
तुम्हारे लिए।
सुलभ औषधि रोग नाशिनी
व्याधि मूलक कल्याणी
तुम्हारे लिए।
विश्वपूजिता पावनी सौभाग्य दायिनी
आरोग्य प्रदायिनी सुखदायिनी
तुम्हारे लिए।
आंगन विराजती कृष्ण जीवनी
पापनाशिनी जीवन दायिनी
तुम्हारे लिए।
संस्कृति का आचार तुलसी
पूजन,अर्चन सुखकर
तुम्हारे लिए ।
सनातन की पहचान तुलसी
जीवो का प्राण
तुम्हारे लिए।
करें तुलसी की साधना
शुद्ध होगी भावना
तुम्हारे लिए।
डॉ. नवनीता दुबे नूपुर©®✍️मंडला,मप्र,स्वरचित ,मौलिक।




