उर्वरकों का दक्ष एवं संतुलित उपयोग विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

हाथरस। कृषि विज्ञान केंद्र, हाथरस में ‘उर्वरकों का दक्ष एवं संतुलित उपयोग’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। केंद्र के प्रभारी डॉ. ए.एच. वारसी द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखते हुए कम लागत में अधिक पैदावार प्राप्त करने के आधुनिक तरीकों से अवगत कराना था। इस दौरान मुख्य वक्ता डॉ. बलवीर सिंह ने उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी की बिगड़ती संरचना और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति किसानों को सचेत किया। उन्होंने विस्तार से बताया कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग से न केवल मृदा स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि खेती की लागत में कमी आती है और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों की टीम ने किसानों की शंकाओं का समाधान किया और उन्हें सॉइल हेल्थ कार्ड की सिफारिशों के आधार पर ही खाद डालने की सलाह दी। इस प्रशिक्षण में डॉ. अकांक्षा सिंह, डॉ. विकास कुमार यादव, डॉ. शैलजा देवी और कुलदीप सहित अन्य सहायक स्टाफ ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशिक्षण में क्षेत्र के कुल 30 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 23 पुरुष और 7 महिला किसान शामिल थीं। वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से महिला किसानों को कृषि प्रबंधन के क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. शैलजा देवी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए किसानों को प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को धरातल पर उतारने के लिए प्रेरित किया।



