
उस को इतना सफ़ल व तेज़ बनाया हमने
ख्वाबों में भी ना कभी भी सताया हमने।।//१//
सबको प्यार उल्फ़त बांटा फ़िर पड़ा घाटा
नफा नुकसान किसी को ना सिखाया हमने।।//२//
जिन्दगी में सबका सहयोग विश्वास रक्खा
फ़िर भी यारों मंज़िल पर कुछ पाया हमने।।//३//
जीवन भर मेहनत की लगन औ परिश्रम से
इस दुनियां में कोई ना समझाया हमने।।//४//
सब को दिल जिगर से लगाया हमेशा यार
राहगीरों को भोजन भी खिलाया हमने।।//५//
वो चेहरा अब भोला
वो चेहरा अब भोला नज़र नहीं आता
अंधेरे में कभी शोला नज़र नहीं आता।।//१//
करे कपट छुप धोका नज़र नहीं आता
रहे लपट ख़ुद छैला नज़र नहीं आता।।//२//
जले हुए ग़म पे रौशनी नहीं दिखती
जो कोहरा हो तो औला नज़र नहीं आता।।//३//
कभी भी दिल से वो करता नहीं भला रहता
मुझे कभी न वो सच्चा नज़र नहीं आता।।//४//
वो जिन्दगी का मसीहा बना रहा जी भर
मुझे कभी ख़ुद चहरा नज़र नहीं आता।।//५//
कनक




