
नीरज जी का जन्म दिन,मना रहे हम आप l
पुष्प चढ़ा तव चित्र पर, करते पूजा जाप ll
गीतों के गायक भले, गाकर उत्तम गीत l
ईश्वर नित उन्नति किये,पाकर सबकी प्रीत ll
गुज़र गया वह कारवाँ, है अति प्यारा गीत I
ईश्वर जो गाये उसे, पाये सबकी प्रीत ll
दोहा मुक्तक गीत रच, नीरज बने महान l
गायन शैली राग से, पाते थे सम्मान ll
यादें उनकी आज भी, रचवाती हैं गीत l
जिसमें लय सुर तान है,और सुगम संगीत ll
ग़ज़ल कहें या गीतिका, हैं नीरज के प्यार l
केवल ‘ईश्वर’ ही नहीं, कहता है संसार ll
नीरज की पाती भली, पढ़ते रहिये आप l
‘ईश्वर’ पाएँ प्रेम भी, मिटे सकल संताप ll
स्वरचित , मौलिक, अप्रकाशित तथा सर्वाधिकार सुरक्षित है l ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति , संत कबीर नगर (उत्तर प्रदेश)




