
यह प्रभु की सरकार हमारा क्या है।
उनका ही संसार हमारा क्या है।।
करिए सूरज को नमन सदा मन से।
जीवन का आधार हमारा क्या है।।
करिए कुछ उपकार मिला जीवन है।
रखिए मृदु व्यवहार हमारा क्या है।।
मानवता हित कर्म करें शुभ सुंदर।
माने साहूकार हमारा क्या है।।
मेवा मिलती है ममता कर्मों से।
सबसे करिए प्यार हमारा क्या है।।
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ममता झा मेधा
डालटेनगंज



