
हिन्दी दिवस मिलकर सभी मनायेंगे,
हिन्दी को सर आँखों पर बिठायेंगे।
इतिहास की गौरव गाथा सुनाएंगे,
संविधान की भाषा है परचम लहराएंगे।
रग रग में रची-बसी सभी के हृदय में हिन्दी,
जन जीवन की मीठी भाषा है हिन्दी।
सारे जग में अलख जगायेंगे,
हिन्दी दिवस मिलकर सभी मनायेगे।
भाषा सहज सुलभ सुंदर सुकोमल है,
मां के मस्तक पर सुशोभित चंदन है।
जग निर्माण संग बदलाव सर्वस्व करेंगे,
हिन्दी को सर आँखों पर बिठायेंगे।
तुलसी,सुर,कबीर, मीरा, रसखान की भाषा,
अखंड़ता का दीपक है हिन्दी भाषा ।
प्रेम का दीप जला कर हम राष्ट्र भाषा बनाएंगे,
हिन्दी दिवस मिलकर सभी मनायेंगे ।
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ममता झा
डाल्टेनगंज
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