
हर शय मस्ती में दीवाना लगता है ।
आज यहां का मौसम सुहाना लगता है।।
कहते दुनिया से क्या लेकर जाना है ।
सुनते- सुनते बात पुराना लगता है।।
मक्कारों के खातिर कुर्सी है ऊंचा ।
सच बोलोगे तो जुर्माना लगता है।।
आतिश अफ्शां है,छोटी चिनगारी नहीं।
बुझते -बुझते एक जमाना लगता है।।
मंहगाई जो सर पर चढ़ के बोले।
मिलना मुश्किल आबो दाना लगता है।।
नूर फातिमा खातून नूरी
जिला -कुशीनगर
उत्तर प्रदेश



