लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल, बिहू की बधाई और हार्दिक शुभकामना
विद्यावाचस्पति डॉ कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

आपके लिये लोहड़ी की दुआयें,
मकर संक्रांति, खिचड़ी, पोंगल,
और बिहू की हार्दिक बधाइयाँ हैं,
भगवान आपको त्योहारों की ख़ुशियाँ दें,
आप मूंगफली फोड़ें तो काजू निकलें,
लोहड़ी, संक्रांति आदि की शुभकामनायें।
आप मूँगफली तोड़ें और काजू निकलें,
गर्मागर्म खिचड़ी में खूब घी डालें,
नींबू पापड़ के साथ मजे से खायें,
क्या बात है, कितनी सुंदर ये दुआयें हैं,
जैसे केवल एक गुलाब पुष्प माँगा हो,
मिल जाये गुलाब की पूरी माला हो।
दीपक सदा प्रकाश देता है,
वह दूसरों के लिए जलता है,
औरों से नहीं, ख़ुद से जलता है,
जलकर जग को प्रकाश देता है।
जलन का धुवाँ दर्द बयाँ करता है,
राख कहानियाँ छोड़ जाती है,
किसी की बातों में दम नहीं होता है,
कई खामोशियाँ निशाँ छोड़ जाती हैं।
सच जानकर सब दुख मिट जाते हैं,
झूठ परख लो, ख़ुद समझ आ जाती है,
आदित्य सब सुखी हों, आरोग्य हों,
लोहड़ी, खिचड़ी, पोंगल, बिहू मुबारक हों।
विद्यावाचस्पति डॉ कर्नल
आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ



