
मकर संक्रांति का त्योहार
लाया खुशियांँ अपार
तुम्हारे लिए।
मकर राशि किए प्रवेश
बदल दिए परिवेश
तुम्हारे लिए।
तिल गुड़ की मिठास
मूंँगफली देती सुवास
तुम्हारे लिए।
हृदय भरे अति उमंग
नभ उड़ती पतंग
तुम्हारे लिए।
मकर संक्रांति देती उन्नति
बढ़ी दिवस गति
तुम्हारे लिए।
खिचड़ी का पर्व आया
खरमास को हटाया
तुम्हारे लिए।
करें सूर्य देव की भक्ति
देते अमित शक्ति
तुम्हारे लिए।
गंगा स्नान करो दान
बना यही विधान
तुम्हारे लिए।
घी खिचड़ी पापड़ अचार
शुद्ध सात्विक आहार
तुम्हारे लिए।
दही चूड़ा की बहार
पोंगल बिहू त्योहार
तुम्हारे लिए।
सभी दिशाएंँ भर उल्लास
प्रकृति देती सुवास
तुम्हारे लिए।
डॉ गीता पाण्डेय अपराजिता
सलोन रायबरेली उत्तर प्रदेश




