साहित्य

नववर्ष के दोहे

डॉ मंजु जौहरी 'मधुर'

लाया है नववर्ष ये खुशियों का उपहार।
मन में उजियारा भरे मिट जाएं अंधकार।।

बीते कल से सीख कर उर धर लो विश्वास।
मेहनत रच दे जिंदगी ऊंचा हो आकाश।।

नव किरणों की चाह में मन गाए नव गीत।
नव वर्ष संग आए सदा सुख- शांति प्रीत।।

हंसते-हंसते दिन कटे मुस्काए हर रात।
दे जाए नववर्ष ये खुशियों की बारात।।

नया वर्ष है नई उमंग है नव आशा की धूप।
संघर्षों के बीच में खिले सफलता रूप।।

दुःख दरिद्रता दूर हो सुख की हो बरसात।
लाए नूतन वर्ष ये फिर कोई सौगात।।

घर आंगन में हर्ष हो मन में हो उल्लास।
पूर्ण करे नववर्ष ये विफल हुए जो प्रयास।।

बीते कल को भूलकर थामो आज का हाथ।
हंसते हंसते कटे सफर हो अपनों का साथ ।।

डॉ मंजु जौहरी’मधुर’
नजीबाबाद जिला बिजनौर
8851760946
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